
अध्याय 1
कंप्यूटर क्या है?
शिक्षक भर्ती परीक्षा हेतु | स्नातकोत्तर स्तर की अध्ययन सामग्री
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1.1 प्रस्तावना
आधुनिक समाज में कंप्यूटर (Computer) केवल गणना करने वाली मशीन नहीं रह गया है। आज यह आंकड़ों (Data) को ग्रहण करने, उनका प्रसंस्करण (Processing) करने, सूचना (Information) उत्पन्न करने, परिणाम प्रस्तुत करने तथा आंकड़ों को संग्रहित करने वाली एक व्यापक तकनीकी प्रणाली है।
शिक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य, प्रशासन, उद्योग, व्यापार, संचार और मनोरंजन जैसे लगभग सभी क्षेत्रों में कंप्यूटर आधारित प्रणालियों का उपयोग हो रहा है। इतना ही नहीं, आज कंप्यूटर केवल मेज पर रखे डेस्कटॉप या लैपटॉप तक सीमित नहीं है। स्मार्टफोन, टैबलेट, वाहन, औद्योगिक मशीनें, घरेलू उपकरण और अनेक अन्य प्रणालियों में भी कंप्यूटिंग (Computing) का प्रयोग होता है। आधुनिक कंप्यूटिंग को समझने के लिए इसलिए “कंप्यूटर” को केवल एक मशीन के रूप में देखना पर्याप्त नहीं है।
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1.2 कंप्यूटर की संकल्पना
कंप्यूटर (Computer) एक ऐसी प्रोग्राम-नियंत्रित इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है जो डिजिटल आंकड़ों (Digital Data) को ग्रहण करती है और दिए गए प्रोग्राम (Program) अथवा निर्देशों (Instructions) के अनुसार उनका प्रसंस्करण करती है।
राष्ट्रीय मानक एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (NIST) के अनुसार, कंप्यूटर ऐसा उपकरण है जो डिजिटल आंकड़ों को स्वीकार करता है और किसी प्रोग्राम या निर्देशों के क्रम के आधार पर उन आंकड़ों से संबंधित सूचना में हेरफेर करता है।
इसे सरल रूप में इस प्रकार समझ सकते हैं:
> कंप्यूटर वह इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है जो आंकड़ों को निर्धारित निर्देशों के अनुसार संसाधित करके उपयोगी परिणाम प्रदान करती है तथा आवश्यकता के अनुसार आंकड़ों और प्रोग्रामों को संग्रहित कर सकती है।
यह परिभाषा कंप्यूटर के चार मूलभूत पक्षों को सामने लाती है:
1. आंकड़े (Data)
2. निर्देश (Instructions)
3. प्रसंस्करण (Processing)
4. परिणाम/सूचना (Output/Information)
इसके अतिरिक्त आधुनिक कंप्यूटर प्रणालियों में स्मृति (Memory) और संग्रहण (Storage) भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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1.3 “कंप्यूटर” शब्द का व्यापक अर्थ
सामान्य बोलचाल में जब हम कंप्यूटर कहते हैं तो हमारे मन में सामान्यतः डेस्कटॉप या लैपटॉप का चित्र आता है। तकनीकी दृष्टि से कंप्यूटर की अवधारणा इससे कहीं व्यापक है।
कंप्यूटिंग उपकरण (Computing Device) एक स्वतंत्र मशीन भी हो सकता है और कई परस्पर जुड़े उपकरणों से बनी प्रणाली भी। उदाहरण के लिए:
डेस्कटॉप कंप्यूटर
लैपटॉप
टैबलेट
स्मार्टफोन
सर्वर
सुपरकंप्यूटर
एम्बेडेड कंप्यूटर (Embedded Computer)
विभिन्न स्वचालित नियंत्रण प्रणालियाँ
NIST के अनुसार कंप्यूटिंग उपकरण स्वतंत्र इकाई या परस्पर जुड़ी कई इकाइयों से बना हो सकता है तथा सामान्य-उद्देश्य या विशिष्ट कार्यों के लिए बनाया जा सकता है।
महत्वपूर्ण निष्कर्ष
> कंप्यूटर का अर्थ केवल डेस्कटॉप या लैपटॉप नहीं है।
किसी उपकरण में कंप्यूटिंग क्षमता का समावेश होने पर वह व्यापक अर्थ में कंप्यूटिंग प्रणाली का हिस्सा हो सकता है।
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1.4 कंप्यूटर की मूल कार्यप्रणाली
कंप्यूटर के कार्य को समझने के लिए सूचना प्रसंस्करण चक्र (Information Processing Cycle) अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसका सामान्य क्रम है:
आदान → प्रसंस्करण → निर्गम → संग्रहण
अर्थात्:
आदान (Input)
↓
प्रसंस्करण (Processing)
↓
निर्गम (Output)
↓
संग्रहण (Storage)
OpenStax के अनुसार सूचना प्रसंस्करण चक्र में आंकड़े और सूचना का प्रवेश, उनका प्रसंस्करण, परिणाम का निर्गम और भविष्य के उपयोग के लिए संग्रहण शामिल होता है।
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1.4.1 आदान (Input)
कंप्यूटर को दिए गए आंकड़े, निर्देश अथवा संकेत आदान (Input) कहलाते हैं।
उदाहरण:
एक शिक्षक ने कंप्यूटर में विद्यार्थियों के अंक दर्ज किए।
यहाँ विद्यार्थियों के अंक कंप्यूटर के लिए आदान हैं।
आदान के साधन हो सकते हैं:
कुंजीपटल (Keyboard)
माउस (Mouse)
स्कैनर (Scanner)
माइक्रोफोन (Microphone)
कैमरा (Camera)
स्पर्श-पटल (Touchscreen)
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1.4.2 प्रसंस्करण (Processing)
आदान के रूप में प्राप्त आंकड़ों पर कंप्यूटर द्वारा निर्धारित निर्देशों के अनुसार विभिन्न प्रकार की क्रियाएँ की जाती हैं। इसे प्रसंस्करण (Processing) कहते हैं।
प्रसंस्करण में शामिल हो सकते हैं:
गणना
तुलना
वर्गीकरण
क्रम निर्धारण
तार्किक संचालन
आंकड़ों का रूपांतरण
विश्लेषण
उदाहरण:
यदि विद्यार्थियों के 50 अंक दर्ज किए गए हैं और कंप्यूटर उनका कुल, औसत और प्रतिशत निकालता है, तो यह प्रसंस्करण है।
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1.4.3 निर्गम (Output)
प्रसंस्करण के बाद प्राप्त परिणाम को निर्गम (Output) कहा जाता है।
उदाहरण:
मॉनिटर पर परिणाम दिखाई देना
प्रिंटर से अंकतालिका निकलना
स्पीकर से ध्वनि सुनाई देना
यहाँ ध्यान देना आवश्यक है कि निर्गम हमेशा केवल पाठ के रूप में नहीं होता। यह:
पाठ
संख्या
चित्र
ध्वनि
वीडियो
ग्राफ
के रूप में भी हो सकता है।
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1.4.4 संग्रहण (Storage)
आंकड़ों, प्रोग्रामों या परिणामों को भविष्य में उपयोग के लिए सुरक्षित रखने की प्रक्रिया को संग्रहण (Storage) कहा जाता है।
उदाहरण:
हार्ड डिस्क (Hard Disk)
ठोस-अवस्था ड्राइव (Solid State Drive)
पेन ड्राइव (Pen Drive)
मेमोरी कार्ड (Memory Card)
क्लाउड संग्रहण (Cloud Storage)
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1.5 एक उदाहरण से कंप्यूटर की कार्यप्रणाली समझें
मान लीजिए एक शिक्षक को 100 विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम तैयार करने हैं।
चरण 1: आदान
शिक्षक विद्यार्थियों के अंक कंप्यूटर में दर्ज करता है।
अंक → आदान
चरण 2: प्रसंस्करण
कंप्यूटर:
कुल अंक निकालता है।
प्रतिशत निकालता है।
औसत निकालता है।
प्राप्तांक के आधार पर क्रम निर्धारित करता है।
गणना → प्रसंस्करण
चरण 3: निर्गम
कंप्यूटर परिणाम प्रदर्शित करता है।
परिणाम → निर्गम
चरण 4: संग्रहण
परिणाम को भविष्य के उपयोग के लिए सुरक्षित किया जाता है।
परिणाम फाइल → संग्रहण
इस प्रकार:
> आदान → प्रसंस्करण → निर्गम → संग्रहण
कंप्यूटर की कार्यप्रणाली का एक मूलभूत मॉडल प्रस्तुत करता है।
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1.6 कंप्यूटर की संरचना की मूल अवधारणा
एक कंप्यूटर प्रणाली को व्यापक रूप से दो प्रमुख दृष्टिकोणों से समझा जा सकता है:
भौतिक पक्ष
हार्डवेयर (Hardware)
कंप्यूटर के वे भौतिक घटक जिन्हें देखा और छुआ जा सकता है।
उदाहरण:
केंद्रीय प्रक्रमण इकाई
मॉनिटर
कुंजीपटल
माउस
स्मृति
संग्रहण उपकरण
NIST हार्डवेयर को सूचना प्रणाली के भौतिक घटकों के रूप में परिभाषित करता है।
तार्किक/प्रोग्राम पक्ष
सॉफ्टवेयर (Software)
कंप्यूटर को कार्य कराने वाले प्रोग्राम, निर्देश और संबंधित आंकड़े।
NIST के अनुसार सॉफ्टवेयर में कंप्यूटर प्रोग्राम और उनसे संबंधित आंकड़े शामिल होते हैं जो हार्डवेयर में संग्रहित एवं निष्पादित होते हैं।
मूल संबंध
> हार्डवेयर बिना सॉफ्टवेयर के उपयोगी कार्य नहीं कर सकता और सॉफ्टवेयर को निष्पादित करने के लिए हार्डवेयर की आवश्यकता होती है।
इसलिए कंप्यूटर प्रणाली को केवल मशीन के भौतिक भागों से समझना अधूरा होगा।
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1.7 कंप्यूटर और प्रोग्राम का संबंध
कंप्यूटर अपने आप यह निर्धारित नहीं करता कि उसे किसी विशेष कार्य को किस प्रकार करना है। उसे कार्य कराने के लिए प्रोग्राम (Program) अथवा निर्देशों की आवश्यकता होती है।
प्रोग्राम निर्देशों का ऐसा व्यवस्थित समूह है जो कंप्यूटर को बताता है कि उपलब्ध आंकड़ों के साथ क्या कार्य करना है।
उदाहरण के लिए:
यदि हमें दो संख्याओं को जोड़ना है, तो कंप्यूटर को यह निर्धारित करने वाले निर्देश चाहिए कि:
1. पहली संख्या ग्रहण करो।
2. दूसरी संख्या ग्रहण करो।
3. दोनों को जोड़ो।
4. परिणाम प्रस्तुत करो।
इसी प्रकार के क्रमबद्ध निर्देशों का व्यापक रूप कलनविधि (Algorithm) से समझा जाता है।
OpenStax के अनुसार कलनविधि स्पष्ट निर्देशों का ऐसा क्रम है जो किसी संगणनात्मक कार्य को संभव बनाता है।
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1.8 क्या कंप्यूटर स्वयं सोचता है?
यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैचारिक प्रश्न है।
सामान्य कंप्यूटर अपने आप मानवीय अर्थ में “सोचता” नहीं है। वह उपलब्ध प्रोग्राम, निर्देश, आंकड़े और संगणनात्मक प्रक्रियाओं के आधार पर कार्य करता है।
हालाँकि आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) प्रणालियाँ ऐसे कार्य कर सकती हैं जिन्हें पहले केवल मानवीय बुद्धि से जोड़ा जाता था, जैसे:
भाषा का विश्लेषण
चित्र पहचान
पैटर्न पहचान
पूर्वानुमान
निर्णय-सहायता
सामग्री निर्माण
लेकिन इसे सीधे मानव जैसी चेतना या समझ के समान मान लेना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है।
परीक्षा में सावधानी
> कंप्यूटर तेज गति से गणना और निर्देश-आधारित कार्य कर सकता है, लेकिन “कंप्यूटर मानव की तरह सोचता है” एक सामान्य कंप्यूटर की परिभाषा नहीं है।
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1.9 क्या कंप्यूटर केवल गणना करता है?
नहीं।
कंप्यूटर के शुरुआती विकास में गणना की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी, लेकिन आधुनिक कंप्यूटर अनेक प्रकार की डिजिटल सामग्री पर कार्य कर सकता है।
यह:
संख्याओं
अक्षरों
पाठ
चित्र
ध्वनि
वीडियो
प्रतीकों
को डिजिटल रूप में संसाधित कर सकता है।
OpenStax के अनुसार आधुनिक कंप्यूटिंग प्रणालियाँ विभिन्न प्रकार के कार्यों को प्रोग्राम के माध्यम से निष्पादित करती हैं और कंप्यूटर प्रणालियों में प्रोसेसर, स्मृति, संग्रहण तथा आदान-निर्गम उपकरण जैसे प्रमुख घटक होते हैं।
इसलिए:
> कंप्यूटर = केवल गणना करने वाली मशीन
यह परिभाषा आधुनिक कंप्यूटिंग की व्यापक प्रकृति को पर्याप्त रूप से व्यक्त नहीं करती।
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1.10 कंप्यूटर में आंकड़े किस रूप में संसाधित होते हैं?
आधुनिक डिजिटल कंप्यूटर मूल स्तर पर सूचना को द्विआधारी (Binary) रूप में निरूपित करते हैं।
द्विआधारी प्रणाली में मुख्यतः दो अवस्थाओं का प्रयोग किया जाता है:
0 और 1
इनमें से प्रत्येक 0 या 1 को बिट (Bit) कहा जाता है।
आठ बिट मिलकर एक बाइट (Byte) बनाते हैं।
उदाहरण:
> 1 बाइट = 8 बिट
कंप्यूटर के भीतर प्रोग्राम और आंकड़े डिजिटल रूप में संग्रहित एवं संसाधित होते हैं। OpenStax के अनुसार पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटरों में प्रोग्राम और आंकड़े 0 तथा 1 के क्रम के रूप में निरूपित किए जाते हैं।
ध्यान दें
यह कहना कि कंप्यूटर केवल “0 और 1 समझता है” एक शिक्षण-सुविधाजनक सरलीकरण है। अधिक तकनीकी रूप से कहा जाए तो कंप्यूटर की डिजिटल प्रणालियाँ द्विआधारी अवस्थाओं के आधार पर सूचना का निरूपण और प्रसंस्करण करती हैं।
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1.11 कंप्यूटर की मूल विशेषताएँ
कंप्यूटर की परिभाषा को समझने के बाद उसकी प्रमुख विशेषताओं को समझना आवश्यक है।
1. गति (Speed)
कंप्यूटर बहुत कम समय में बड़ी संख्या में गणनात्मक और तार्किक क्रियाएँ कर सकता है।
2. शुद्धता (Accuracy)
सही आंकड़े और सही निर्देश मिलने पर कंप्यूटर अत्यधिक शुद्ध एवं एकरूप परिणाम दे सकता है।
3. स्वचालन (Automation)
एक बार उचित निर्देश और कार्यक्रम निर्धारित होने के बाद कई कार्य स्वतः किए जा सकते हैं।
4. संग्रहण क्षमता (Storage Capacity)
कंप्यूटर बड़ी मात्रा में डिजिटल आंकड़े और प्रोग्राम संग्रहित कर सकता है।
5. बहुउद्देशीयता (Versatility)
एक ही कंप्यूटर अनेक प्रकार के कार्य कर सकता है।
6. विश्वसनीयता (Reliability)
एक ही निर्देश और परिस्थितियों में कंप्यूटर बार-बार एक समान प्रकार का परिणाम दे सकता है।
7. पुनरावृत्ति क्षमता
कंप्यूटर किसी कार्य को बड़ी संख्या में दोहरा सकता है, बिना मानवीय मानसिक थकान के।
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1.12 कंप्यूटर की सीमाएँ
कंप्यूटर की शक्ति के बावजूद उसकी कुछ मूलभूत सीमाएँ हैं।
1. निर्देशों पर निर्भरता
कंप्यूटर को कार्य करने के लिए प्रोग्राम या निर्देश चाहिए।
2. गलत आंकड़ों की समस्या
गलत आंकड़े दिए जाने पर गलत परिणाम मिल सकता है।
इसे सामान्यतः:
> GIGO — Garbage In, Garbage Out
से समझाया जाता है।
अर्थात्:
गलत आदान → गलत परिणाम
3. मानवीय भावनाओं का अभाव
कंप्यूटर मानवीय भावनाओं, संवेदनाओं और अनुभवों का उसी प्रकार अनुभव नहीं करता जैसे मनुष्य करता है।
4. तकनीकी निर्भरता
हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, विद्युत, नेटवर्क तथा अन्य तकनीकी घटकों में समस्या आने पर कार्य प्रभावित हो सकता है।
5. सुरक्षा जोखिम
कंप्यूटर प्रणालियाँ वायरस, मैलवेयर, अनधिकृत पहुँच, आंकड़ा चोरी और अन्य साइबर खतरों से प्रभावित हो सकती हैं।
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1.13 “कंप्यूटर” और “कंप्यूटर प्रणाली” में अंतर
यह अंतर उच्च स्तर के प्रश्नों में उपयोगी हो सकता है।
कंप्यूटर से सामान्यतः उस गणनात्मक उपकरण की ओर संकेत किया जाता है जो निर्देशों के अनुसार आंकड़ों को संसाधित करता है।
कंप्यूटर प्रणाली (Computer System) अधिक व्यापक अवधारणा है, जिसमें शामिल हो सकते हैं:
हार्डवेयर
सॉफ्टवेयर
आंकड़े
उपयोगकर्ता
प्रक्रियाएँ
नेटवर्क
सहायक उपकरण
अर्थात्:
> कंप्यूटर प्रणाली केवल मशीन नहीं, बल्कि परस्पर संबंधित तकनीकी और मानवीय घटकों की व्यवस्था हो सकती है।
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1.14 कंप्यूटर की आधुनिक अवधारणा
आज कंप्यूटर की अवधारणा तेजी से बदल रही है।
पहले कंप्यूटर को एक बड़े कमरे में रखी विशाल मशीन के रूप में देखा जाता था। आज वही संगणनात्मक क्षमता:
मोबाइल फोन
घड़ी
वाहन
घरेलू उपकरण
कैमरा
चिकित्सा उपकरण
औद्योगिक मशीन
जैसी वस्तुओं में भी समाहित हो सकती है।
इसे अंतर्निहित कंप्यूटिंग (Embedded Computing) की अवधारणा से समझा जा सकता है।
उदाहरण के लिए किसी आधुनिक वाहन में अनेक इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण प्रणालियाँ होती हैं जो सेंसरों से आंकड़े प्राप्त करके निर्धारित कार्य करती हैं।
इसलिए आधुनिक युग में कंप्यूटर को केवल “एक डिब्बेनुमा मशीन” के रूप में परिभाषित करना पर्याप्त नहीं है।
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1.15 परीक्षा के लिए अवधारणात्मक निष्कर्ष
याद रखने योग्य पाँच बातें
1. कंप्यूटर क्या करता है?
आंकड़ों को संसाधित करता है।
2. किसके आधार पर करता है?
प्रोग्राम और निर्देशों के आधार पर।
3. परिणाम क्या देता है?
उपयोगी परिणाम/सूचना।
4. परिणाम कहाँ रखा जा सकता है?
स्मृति या संग्रहण में।
5. मूल कार्यप्रवाह क्या है?
> आदान → प्रसंस्करण → निर्गम → संग्रहण
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1.16 सामान्य भ्रांतियाँ
भ्रांति 1
कंप्यूटर केवल गणना करता है।
सही समझ: आधुनिक कंप्यूटर अनेक प्रकार के डिजिटल आंकड़ों को संसाधित कर सकता है।
भ्रांति 2
कंप्यूटर अपने आप कार्य करता है।
सही समझ: कंप्यूटर निर्देशों और प्रोग्राम के आधार पर कार्य करता है।
भ्रांति 3
कंप्यूटर हमेशा सही परिणाम देता है।
सही समझ: सही परिणाम के लिए सही आंकड़े, सही निर्देश और उचित प्रणाली आवश्यक हैं।
भ्रांति 4
हर कंप्यूटर डेस्कटॉप या लैपटॉप होता है।
सही समझ: स्मार्टफोन, टैबलेट, सर्वर, सुपरकंप्यूटर और एम्बेडेड प्रणालियाँ भी कंप्यूटिंग उपकरणों के उदाहरण हैं।
भ्रांति 5
कंप्यूटर और इंटरनेट एक ही चीज हैं।
सही समझ: कंप्यूटर एक गणनात्मक उपकरण/प्रणाली है, जबकि इंटरनेट परस्पर जुड़े नेटवर्कों की वैश्विक व्यवस्था है।
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1.17 परीक्षा में संभावित प्रश्न
प्रश्न 1
कंप्यूटर की सबसे उपयुक्त अवधारणा कौन-सी है?
(अ) केवल गणना करने वाली मशीन
(ब) केवल आंकड़े संग्रहित करने वाला उपकरण
(स) निर्देशों के अनुसार आंकड़ों का प्रसंस्करण करने वाली प्रोग्राम-नियंत्रित प्रणाली
(द) केवल इंटरनेट से जुड़ा उपकरण
सही उत्तर: (स)
व्याख्या: कंप्यूटर का मूल कार्य दिए गए आंकड़ों को निर्धारित निर्देशों के अनुसार संसाधित करना है। NIST भी कंप्यूटर को डिजिटल आंकड़ों को स्वीकार करके प्रोग्राम के अनुसार उनमें हेरफेर करने वाले उपकरण के रूप में परिभाषित करता है।
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प्रश्न 2
सूचना प्रसंस्करण चक्र में निम्न में से कौन-सा सामान्य क्रम है?
(अ) निर्गम → आदान → प्रसंस्करण
(ब) आदान → प्रसंस्करण → निर्गम
(स) संग्रहण → निर्गम → आदान
(द) प्रसंस्करण → आदान → निर्गम
सही उत्तर: (ब)
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प्रश्न 3
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त है?
(अ) प्रत्येक कंप्यूटर केवल गणितीय गणना करता है।
(ब) कंप्यूटर बिना निर्देश के किसी भी कार्य को स्वयं तय करता है।
(स) कंप्यूटर प्रोग्राम और निर्देशों के अनुसार आंकड़ों को संसाधित करता है।
(द) कंप्यूटर और इंटरनेट समान अवधारणाएँ हैं।
सही उत्तर: (स)
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प्रश्न 4
निम्न में से कौन-सा कंप्यूटर का आवश्यक मूलभूत कार्य नहीं माना जाएगा?
(अ) आंकड़ा ग्रहण करना
(ब) प्रसंस्करण करना
(स) परिणाम प्रदान करना
(द) मानवीय भावनाओं का अनुभव करना
सही उत्तर: (द)
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प्रश्न 5
“गलत आदान के कारण गलत परिणाम” की अवधारणा किससे संबंधित है?
(अ) कृत्रिम बुद्धिमत्ता
(ब) GIGO
(स) क्लाउड संग्रहण
(द) नेटवर्किंग
सही उत्तर: (ब)
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1.18 त्वरित पुनरावृत्ति
अवधारणा सार
कंप्यूटर प्रोग्राम-नियंत्रित इलेक्ट्रॉनिक गणनात्मक प्रणाली
आंकड़ा कच्चे तथ्य
सूचना संसाधित एवं अर्थपूर्ण आंकड़ा
आदान कंप्यूटर को दिया गया आंकड़ा/निर्देश
प्रसंस्करण आंकड़ों पर की गई गणनात्मक/तार्किक क्रिया
निर्गम प्राप्त परिणाम
संग्रहण आंकड़े/प्रोग्राम सुरक्षित रखना
हार्डवेयर भौतिक घटक
सॉफ्टवेयर प्रोग्राम एवं संबंधित निर्देश
कलनविधि क्रमबद्ध निर्देशों की प्रक्रिया
बिट द्विआधारी अंक
बाइट 8 बिट का समूह
GIGO गलत आदान से गलत परिणाम
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1.19 अवधारणा मानचित्र
कंप्यूटर (Computer)
↓
आंकड़ा (Data)
↓
आदान (Input)
↓
प्रसंस्करण (Processing)
↓
निर्गम (Output)
↓
सूचना (Information)
↓
संग्रहण (Storage)
इसके साथ:
हार्डवेयर + सॉफ्टवेयर + आंकड़े + निर्देश
↓
कंप्यूटर प्रणाली
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1.20 अध्याय का सार
कंप्यूटर एक प्रोग्राम-नियंत्रित इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है जो डिजिटल आंकड़ों को स्वीकार करके निर्धारित निर्देशों के अनुसार उनका प्रसंस्करण करती है और परिणाम प्रदान करती है। आधुनिक कंप्यूटर केवल गणना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पाठ, चित्र, ध्वनि, वीडियो और विभिन्न प्रकार की डिजिटल सूचनाओं को संसाधित कर सकते हैं।
कंप्यूटर की मूल कार्यप्रणाली को आदान, प्रसंस्करण, निर्गम और संग्रहण के माध्यम से समझा जा सकता है। इसकी प्रमुख विशेषताओं में गति, शुद्धता, स्वचालन, संग्रहण क्षमता, बहुउद्देशीयता और विश्वसनीयता शामिल हैं। वहीं गलत आंकड़े, निर्देशों पर निर्भरता, तकनीकी विफलता और सुरक्षा जोखिम इसकी महत्वपूर्ण सीमाएँ हैं।
आज कंप्यूटिंग डेस्कटॉप और लैपटॉप से आगे बढ़कर मोबाइल, सर्वर, सुपरकंप्यूटर तथा एम्बेडेड प्रणालियों तक पहुँच चुकी है। इसलिए शिक्षक के लिए कंप्यूटर की अवधारणा को केवल एक उपकरण के रूप में नहीं, बल्कि आंकड़ा, सूचना, प्रोग्राम, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और मानव उपयोगकर्ता से मिलकर बनी व्यापक कंप्यूटिंग व्यवस्था के रूप में समझना आवश्यक है।